Add to Favorites Contact Us
Welcome : Guest
भजन |1|

चालो म्हारी सहियां ए जाम्भेजी री मेला में। टेक।

सोने रूपे री सहियां ईंट पड़ास्यां मंदिर चिणास्यां ए, जाम्भेजी रा मेला में॥॥

कुं कुं केसर री सहियां गार गिलोस्यां मंदिर निपास्पां ए, जाम्भेजी रा मेला में॥॥

गंगा जमना रो सहियां नीर मंगस्यां गुरू ने न्हवास्यां ए, जाम्भेजी रा मेला में ॥॥

हिंगलू पागां रो सहियां ढोलियो ढलास्यां गुरू ने पोढास्यां ए, जाम्भेजी रा मेला में ॥॥

घिरत गायां रो सहियां छाणकर लास्यां जोत करास्यां ए, जाम्भेजी रा मेला में ॥॥

मोठ बाजरी री सहियां चूण लेजास्यां दरसण करस्यां ए, जाम्भेजी रा मेला में॥॥

चार खुटा रा सहियां आवे जातरी धोक लगास्यां ए, जाम्भेजी रा मेला में॥॥

साखी गायसां सबद बोलस्यां मुरली गास्यां ए जाम्भेजी रा मेला में॥॥

अन धन रो भण्डार भरे गुरू कूख भरेला ए, जाम्भेजी रा मेला में॥॥

सात सहेल्यां रलमिल जास्यां हरजसय गास्यां ए, जाम्भेजी रा मेला में ॥॥






  Website Designed & Maintained By : 29i Technologies